अपने आप को फिट रखने के लिए लोग कई तरह के एक्सरसाइज़ करते हैं। अच्छी फिटनेस के लिए लिए लोग वॉक, कार्डियो और रनिंग से लेकर लोग स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना पसंद करते हैं। बता दें, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के अंदर स्क्वाट वर्कआउट भी आता है जो लोअर बॉडी के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज़ में से एक माना जाता है। यह एक ऐसा बॉडीवेट एक्सरसाइज है, जिसे बिना किसी जिम इक्विपमेंट के घर पर भी आसानी से किया जा सकता है। अगर आप एक महीने तक स्क्वाट करते हैं तो इससे आपकी बॉडी को कई बेहतरीन फायदे मिल सकते हैं। चलिए जानते हैं एक महीने तक स्क्वाट करने से कौन से फायदे होते हैं और इसे करने का सही तरीका क्या है?
एक महीने तक स्क्वाट करने से क्या फायदे मिल सकते हैं?
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पैरों की मसल्स होती हैं मजबूत: स्क्वाट करने से आपके पैरों की मांशपेशियां मजबूत होती हैं। खासकर, यह जांघों, ग्लूट्स और पैरों की मांसपेशियों को एक्टिव करता है। इस एक्सरसाइज़ का नियमित अभ्यास करने से सहनशक्ति में सुधार हो सकता है।
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ग्लूट्स मजबूत करता है: स्क्वाट एक ऐसा वर्कआउट है जो ग्लूट मसल्स को भी मजबूत बनाने में बेहद फायदेमंद है। बता दें, ग्लूट्स कूल्हे और हिप्स का निर्माण करने वाली तीन मांसपेशियों का एक समूह है। स्क्वाट हिप्स, घुटने और एंकल तीनों के जॉइंट्स पर एक साथ काम करते हैं। इसके नियमित अभ्यास से लोअर-बॉडी कंट्रोल और बैलेंस बेहतर हो सकता है।
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कैलोरी बर्न करता है: स्क्वाट एक बड़ी मसल ग्रुप को एक साथ इस्तेमाल करता है, इसलिए यह शारीरिक गतिविधि बढ़ाने और कैलोरी खर्च करने में योगदान दे सकता है।
स्क्वाट करने का सही तरीका
स्क्वाट करने के लिए अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई जितना खोलकर सीधे खड़े हों। अब अपने घुटनों को मोड़ें और हिप्स को पीछे की तरफ ले जाएं। आपको इस तरह का पोस्चर रखना है जैसे आप कुर्सी पर बैठने जा रहे हों। नीचे जाते समय जैसे आप कुर्सी पर बैठते हैं उतना ही नीचे जाएं और फिरवापस खड़े हो जाएं और ग्लूट्स को हल्का टाइट करें। इस तरह स्क्वाट को आप तीन सेट में कर सकते हैं। अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले 8–12 स्क्वाट के 2 सेट कर सकते हैं
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।